MARHOOM KE ISAALE SAWAB KE LIYE JO KHANA BANATE HAI
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 मरहूम के ईसाले सवाब केलिये जो खाना बनाते हैं वह खाना ग़रीब के अलावा मालदार लोग भी खा सकते हैं या नहीं और जो महमान आते हैं उन्हें खिलाना चाहिये या नहीं 🥀* *✍️जवाब* 🚦 मैयत के नाम पर मैयत वालों की तरफ़ से आम और ख़ास सब लोगो को दावत देकर खिलाना ना जाईज़ और बुरी बिद्-अत है, क्युंकि शरीअत ने दावत ख़ुशी में रखी है ना कि ग़म में । 📗 फ़तावा आलमगीरी: जिल्द 1, पेज 167 📗 फ़त्-हुल बारी: जिल्द 2, पेज 142 📗 तह्तावी + मराक़िल फ़लाह़: जिल्द 1, पेज 617 📗 दुर्रे मुख़्तार + रद्दुल मोह्तार: जिल्द 2, पेज 240 ✒ इमामे अहले सुन्नत आलाहज़रत मौलाना अहमद रज़ा रहमतुल्लाहि अलैहि फ़रमाते हैं: मुर्दे का खाना सिर्फ़ फ़ु-क़रा (यानी जो साहिबे निसाब ना हों, उन) के लिये होना चाहिये, आम दावत के तौर पर जो करते हैं ये मना है, ग़नी (साहिबे निसाब) ना खाये ।" 📖 फ़तावा रज़विया: जिल्द 9, पेज 536 ✒ और फ़रमाते हैं: "मैयत के यहां जो लोग जमा होते हैं, और उनकी दावत की जाती है, ये खाना हर तरह मना है । 📖 फ़तावा रज़विया: जिल्द 9, पेज 673 ✒ और फ़रमाते हैं: "मैयत की दावत बिरादरी केलिये मना है । 📖 फ़त...